Non Callable Fixed Deposits: फिक्स्ड डिपॉजिट्स अभी भी निवेश के साधनों में टॉप पर माना जाता है. वर्तमान में फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6-8 फीसदी के बीच सालाना ब्याज (Fixed Deposit Interest Rates) मिल रहा है. FD के प्रति आकर्षण इसलिए कायम है, क्योंकि इसमें मिलने वाला रिटर्न निश्चित होता है. इसके अलावा यह सुरक्षित, फ्लेक्सिबल और इंस्टैंट लिक्विडिटी वाला निवेश का साधन होता है. 26 अक्टूबर 2023 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने टर्म डिपॉजिट (RBI on Non Callable FD Rules) से निकासी के नियमों में बदलाव किया है. आइए जानते हैं कि इससे आपको क्या फायदा मिलेगा.
Table of Contents
Non Callable FD की लिमिट बढ़ाकर 1 करोड़ की गई
Reserve Bank of India ने नॉन-कोलैबल फिक्स्ड डिपॉजिट की लिमिट को 15 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए कर दिया है. यह नियम प्राइवेट, सरकारी सभी बैंकों के लिए लागू होगा. अभी तक के नियम के मुताबिक, नॉन कोलैबल एफडी की शुरुआत 1500001 रुपए से शुरू होती थी. उससे कम अमाउंट का एफडी Non Callable कैटिगरी में नहीं आ सकता था. अब कम से कम 1 करोड़ के टर्म डिपॉजिट को ही नॉन कोलैबल कैटिगरी में रखा जा सकता है.

Non Callable Fixed Deposits का नियम किस पर लागू होगा?
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक, यह नियम सभी कमर्शियल और को-ऑपरेटिव बैंकों पर लागू होता है. अब कम से कम 1 करोड़ रुपए से नॉन-कोलैबल फिक्स्ड डिपॉजिट की शुरुआत होगी. यह नियम NRE Deposits (नॉन-रेसिडेंट एक्सटर्नल डिपॉजिट) और NRO Deposits (नॉन रेसिडेंट ऑर्डिनरी डिपॉजिट) पर भी लागू होता है. तत्काल प्रभाव से इस नियम को लागू किया जाता है.
Non Callable Fixed Deposits क्या होता है?
नॉन कोलैबल फिक्स्ड डिपॉजिट की खासियत ये होती है कि इसमें लॉक-इन पीरियड होता है. लॉक-इन पीरियड के दौरान केवल कोर्ट ऑर्डर या बैंक्रप्सी की परिस्थिति में ही निकासी की जा सकती है. इस तरह के एफडी में अगर एकबार निवेश कर दिया गया तो फिर टेन्योर पूरा होने तक निकासी नहीं की जा सकती है.
Non Callable FD से बैंकों को होता है जबरदस्त फायदा
Non Callable Fixed Deposits पर बैंकों की तरफ से अमूमन जनरल एफडी के मुकाबले ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर किया जाता है. यह सुविधा रेसिडेंट और नॉन-रेसिडेंट दोनों तरह के ग्राहकों के लिए उपलब्ध होती है. बैंकों के लिए यह बड़े काम की चीज होती है. बैंकों को पता है कि जो राशि नॉन-कोलैबल एफडी में जमा की जा रही है वह उनके पास निश्चित अवधि तक जमा रहेगा.

SBI Non Callable Fixed Deposit Rates
उदाहरण के लिए देश के सबसे बैंक SBI नॉन कोलैबल एफडी पर 1 साल की अवधि के लिए जनरल पब्लिक को 7.10 फीसदी का ब्याज ऑफ कर रहा है, जबकि सीनियर सिटीजन के लिए यह इंटरेस्ट रेट 7.60 फीसदी है. 2 साल के नॉन-कोलैबल एफडी के लिए इंटरेस्ट रेट 7.40 फीसदी है. सीनियर सिटीजन को 7.90 फीसदी का ब्याज मिलेगा.

SBI बल्क Term Deposit पर क्या ब्याज ऑफर कर रहा है
SBI की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 1 साल के बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट जो कम से कम 2 करोड़ का होना चाहिए उसपर 6.75 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. सीनियर सिटीजन के लिए इंटरेस्ट रेट 7.25 फीसदी है. यह बल्क टर्म डिपॉजिट है जिसमें 2 करोड़ से निवेश की शुरुआत होती है. हालांकि, यह कोलैबल कैटिगरी में आता है. इसमें प्री-मैच्योर निकासी की जा सकती है.
Step Up SIP पूरा करेगा करोड़पति बनने का सपना, ₹5000 से करें निवेश की शुरुआत; कैलकुलेशन से समझें
Sovereign Gold Bond में निवेश के 5 बड़े फायदे, जानें कैसे मिलता है 60% का एडिशनल रिटर्न
Mutual Fund NFO क्या होता है और इसमें निवेश करना चाहिए कि नहीं? जानें हर सवाल का जवाब